JEE – NEET क्या सही है इस मुद्दे का राजनीतिकरण?


इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले (Entrance Exam) के लिए होने वाली NEET और JEE की परीक्षा को लेकर लगातार विरोध हो रहा है। कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के बीच ये परीक्षा कराई जाए या न कराई जाए, इस पर बहस छिड़ी हुई है। लेकिन अब इस विवाद में राजनीति भी तेज हो गई है। एक तरफ जहां विपक्ष को बैठे बिठाये सरकार के विरोध का मुद्दा मिल गया वही इस परीक्षा में बैठने वाले छात्रों में असमंजस की स्थिति बन गयी है। एक अनुमान के अनुसार लगभग ९० प्रतिशत से भी ज्यादा छात्रों ने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड भी कर लिया है।

Postpone NEET UG, JEE Main Exams: Students Urge PM Narendra Modi

इस बात में कोई शक नहीं है की इस परीक्षा करवाने पर छात्रों में कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा बनेगा लेकिन इस बात के दूसरे पहलु पर भी गौर किया जाना अति आवश्यक है, इस परीक्षा के न होने से सभी प्रकार के मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन नहीं हो पायेगा और जिन छात्रों ने पुरे साल इसकी तैयारी की है उनका पूरा साल ख़राब हो जायेगा। इसके साथ साथ ये भी बात गौर करने लायक है की अगर इस परीक्षा को देर से करवाया गया तो छात्रों को अपनी पढाई के लिए पूरा समय नहीं मिलेगा और वे परीक्षा में ठीक से पूरी नहीं कर पाएंगे।

इसी बीच दिल्ली विश्वविद्यालय, इग्नू, लखनऊ विश्वविद्यालय, जेएनयू, बीएचयू, आईआईटी दिल्ली और लंदन विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ यरुशलम और इजराइल के बेन गुरियन विश्वविद्यालय के भारतीय १५० से भी ज्यादा प्रोफेसर्स ने प्रधान मंत्री को पत्र लिख कर इस परीक्षा करवाने की मांग की है। इन विदवेत्ताओं ने कहा है कि भारत में कुछ लोग राजनितिक फायदे के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने कि कोशिश कर रहे है जो कि बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इन प्रोफेस्सोर्स ने सरकार पर भरोसा जताते हुए लिखा है कि “हम मानते हैं कि केंद्र सरकार पूरी सावधानी बरतते हुए जेईई और नीट परीक्षाएं आयोजित कर लेगी, ताकि छात्रों के भविष्य का ध्यान रखा जा सके और 2020-21 के लिए अकादमिक कैलेंडर तैयार किया जा सके। “

सौ बात की एक बात
राजनितिक एजेंडा चलाने वाले दलों की बात तो समझ में आती है कि उनके पास वर्तमान में कोई मुद्दा नहीं है लेकिन सोचने वाली बात ये है कि एक तरफ तो सरकार बाजार खोलने, मेट्रो चलाने और ये जताने कि कोशिश करने में लगे हुए है कि कोरोना पर काबू पाया जा रहा है (दिल्ली का उदहारण ले ले), वही इस बात पर जोर दे रहे है कि छात्रों को कोरोना हो जायेगा। यह ये गौर करने वाली बात है कि जो छात्र NEET JEE का एग्जाम देंगे वे इतने तो जरूर समझदार होंगे कि अपना ध्यान इस महामारी से रख सके।
दूसरी बात ये है कि क्या आप सब लोग उन सब लोगो को भूल चुके है जो कोरोना के इस भयंकर काल में भी दिन रात सड़क पर, अस्पताल में, और दूसरी जगहों पर ड्यूटी कर रहे है ? क्या उन लोगो को कोरोना का डर नहीं है? क्या आप लोगो को उन लोगो कि संख्या पता है कि कितनी संख्या में है जो मात्र २८ लाख छात्रों के लिए इतना हो हल्ला मचा रहे हो ? क्या सरकार को ये बात पता नहीं कि इन सब छात्रों को कैसे सुरक्षित रखते हुए परीक्षा का आयोजन करवाया जाये ?
उम्मीद है सरकार और छात्र इस बात को समझते हुए फैसला लेगी और जहां तक सुप्रीम कोर्ट का सवाल है वो तो इन सब बातो को बहुत ही बारीकी से देख ही रहा है।

Story: Surendra Singh
Photo source: Google

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