झुंझुनू का लाल जितेंदर हुआ शहीद


जब जब देश के लिए मरने मिटने की बात आएगी , झुंझुनू की पावन धरा ने सदैव अपनी मिटटी से ऐसे लाल पैदा किये है जो देश के लिए मर मिटने के लिए सदैव आगे रहते है । राजस्थान के झुंझुनूं (Jhunjhunu) जिले की धरती में वीर जवानों का लहू बहता है, क्योंकि इस मिट्टीContinue reading “झुंझुनू का लाल जितेंदर हुआ शहीद”

उत्तराखंड के चमोली में कुदरत का क़हर, कई लोगों की जान जाने की ख़बर।


उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (chamoli) जिले के रैनी में ग्लेशियर (glacier) फटने की ख़बर आई है। ग्लेशियर फटने से धौली नदी में बाढ़ आई है और चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है।   स्टेट कंट्रोल रूम के अनुसार, गढ़वाल की नदियों में पानी ज्यादा बढ़ा हुआ है। करंट लगने से कई लोग लापता बताएContinue reading “उत्तराखंड के चमोली में कुदरत का क़हर, कई लोगों की जान जाने की ख़बर।”

कंगना और शिवसेना के बीच लडाई हुई तेज, कंगना का ऑफिस तोड़ा, क्या घर भी टूटेगा?


सुशांत सिंह राजपूत मामले मे कंगना और शिवसेना के बीच ट्विट्टर के जरिये शुरू हुयी जुबानी जंग अब अगले पड़ाव पर पहुँच गयी है। आज BMC ने जब अवैध निर्माण के तहत कार्यवाही करते हुए कंगना के ऑफिस को तोड़ा तो इसपर राजनीति तेज हो गयी। जहाँ BJP ने इसे बदले की भावना के तहतContinue reading “कंगना और शिवसेना के बीच लडाई हुई तेज, कंगना का ऑफिस तोड़ा, क्या घर भी टूटेगा?”

फिर से शुरू हुयी पंचायत चुनावो की सुगबुगाहट, प्रारम्भिक तैयारियां पूरी करने का आदेश जारी


राजस्थान चुनाव आयोग ने माह जनवरी और मार्च २०२० में ७४६३ पंचायत समितियों में सरपंच और पंच के चुनाव सम्पादित करवाए थे और बाद में कोरोना महामारी के कारण चुनाव स्थगित कर दिए थे। अब जब कोरोना का प्रभाव कुछ काम हो रहा है तो फिर से बची हुयी पंचायत समितियों में चुनाव करवाने कीContinue reading “फिर से शुरू हुयी पंचायत चुनावो की सुगबुगाहट, प्रारम्भिक तैयारियां पूरी करने का आदेश जारी”

JEE – NEET क्या सही है इस मुद्दे का राजनीतिकरण?


इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले (Entrance Exam) के लिए होने वाली NEET और JEE की परीक्षा को लेकर लगातार विरोध हो रहा है। कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के बीच ये परीक्षा कराई जाए या न कराई जाए, इस पर बहस छिड़ी हुई है। लेकिन अब इस विवाद में राजनीति भी तेज हो गई है।Continue reading “JEE – NEET क्या सही है इस मुद्दे का राजनीतिकरण?”