गुरु पूर्णिमा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ


“शरीरं सुरुपं तथा वा कलत्रं
यशश्चारू चित्रं धनं मेरुतुल्यम् ।
मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मे
ततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥”

गुरू पूर्णिमा के इस पावन पवित्र अवसर पर आप सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ

गुरु का स्थान भगवान से भी उपर माना गया है और आज वक्त है उनको नमन करने का जिन्होंने अापको गढ़ा है, आपको एक पहचान दी है।

तो आज के दिन अपने गुरूजी को ज़रूर याद करें।

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